Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Stories

खौफ्फ़ An Empowerment Story -in Hindi #WomensDay

बचपन याद करने बैठूं तो काले घने बादलों सा एहसास होता है एक माँ के इलावा कोई भी तो प्यार नहीं करता था मुझे माँ तो कभी ” मेरा प्यारा बच्चा ” कहकर चूम लेती तो कई बार मुझे गले लगाकर कहती ” दुनिया की सबसे खूबसूरत गुड़िया तो भगवान् ने मुझे ही दे दी “….. मैं भी माँ से पूरा ज़ोर लगाकर लिपट जाती थी । आँखें नम हो जाती थी माँ की ,इतना प्यार करती थी मुझे…. लेकिन घर के बाकी सब लोग , यहाँ तक कि बाबा भी मुझे “कलंक” कहते रहते थे , माँ को भी अक्सर सुनाया जाता “कलंक लगाकर रख दिया पूरे खानदान पर ” मेरा छोटा सा नादान सा मन समझ नहीं पाता था कि मैं दरअसल हूँ क्या —-एक खूबसूरत सा कलंक ? कलंक शब्द का मतलब भी तो नहीं समझाया  था स्कूल में मैडम ने । एक दिन स्कूल से लौटते हुए कुछ घृणित नज़रों ने मुझ पर वार कर दिया , घर आकर जब माँ को उन मैले हाथों व्  पहली बार अपने तन पर महसूस किये उस घिनौने दर्द का ज़िक्र किया तो माँ की दिल की धड़कन जैसे अचानक बढ़ गयी , आँखें खुली की खुली रह गयीं पर माँ ने मेरे होठों पर ज़ोर से ऊँगली दबाकर कहा ” चुप बस चुप मुँह पर ता...

Three is a crowd #Barathon2018

“Three is perfect ” Seema had said it with tears in her eyes while Rajiv caressed her as she was brought out of the operation theatre on a stretcher . Twenty five years ago , Seema took the quick decision of undergoing tubectomy as she just didn’t want  any chance of having another baby . Actually doctors had detected their first child Suraj  as moderately MR.   She decided to focus all her attention taking care of their differently abled son , burrying her and Rajiv’s heartful desire of having a perfect family of four . The parents strived hard  to transform their differently abled son to a perfectly abled son ,  taking care of his smallest needs or undergoing various kinds of the therapeutic procedures. Time passed , Life moved on  . Seema was left alone as a heart attack took away Rajiv from her life while Suraj’s job plus marriage moved him to another city. Yesterday only , Seema arrived  in the city at his son’s house and today , she overheard hi...

वो आखिरी दिन था हमारा !

    खूब चहल पहल थी, कोई अपना बैग पैक कर रहा था, कोई अपनी किताबें इकट्ठी कर रहा था , कोई लाइब्रेरी की किताबें वापिस करने गया था, कोई कैंटीन के dues  दे  रहा था , कोई एक दूजे से लिया  उधार चुकता कर रहा था , कोई अपने दोस्तों के फोन नंबर व् address   नोट कर  रहा था ,सब व्यस्त थे और बेहद खुश भी ….आखिरी दिन था हमारा उस शहर में , उस कॉलेज में , उस हॉस्टल में ….अगले दिन सभी हॉस्टल students  को अपना अपना room  खाली करके अपने अपने घर लौटना था.. घर जाने की ख़ुशी इतनी थी कि  सभी कुछ न कुछ गुनगुनाते हुए अपने काम निबटा रहे थे ……. शाम को सब सहेलियां  free  होके एक ही कमरे में इकठ्ठे  बैठ गयीं… नेहा बोली — शुक्र है यार …पढ़ाई ख़त्म हुई , कल से आराम से अपने घर पर रहूंगी …मम्मी के हाथ का खाना खाउंगी …..वाह …आनंद आ जायेगा….पंखे की ओर देखती हुयी और  घर  पहुँचने  के सुंदर ख्यालों में बोली “Home  Sweet  Home  ” मैंने कहा — हाँ यार , घर से बाहर रहना कोई आसान काम नहीं है . Thank  GOD,  It’s our last day  here . नी...

Story on FEAR in hindi कहानी--प्लेग का डर

पुराने समय की बात है एक बार एक राज्य में भयंकर रोग प्लेग फ़ैल गया…….बहुत लोग मारे गए….वहां के राजा ने अपने सब पंडितों और पुरोहितों को बुलाकर पुछा की प्लेग से बचने के लिए क्या करना चाहिए…. पुरोहितों ने आपस में सलाह करके कहा की भगवन शिव को प्रसन्न करेंगे तो ही ये बीमारी दूर भागेगी….राजा ने आदेश दे दिया की हर मंदिर में ,हर घर में शिव की पूजा अर्चना की जाये ,इसका सारा खर्च राजा के खजाने से दिया जायेगा… एक महीने तक कई प्रकार की पूजा अर्चना के बाद एक पुरोहित को शिव के दर्शन हुए …भगवन ने पूछा ” क्या चाहते हो ” पुरोहित भगवन को साक्षात् देखकर दंग रह गया और बोला ” महादेव हमारे राज्य में भयंकर बीमारी फ़ैल गयी है इससे हमे बचाइए भगवन बोले “तथास्तु “….तुम्हारी सेवा से मैं प्रसन्न हुआ….आज से मेरा नंदी तुम्हारे राज्य की प्लेग से रक्षा करेगा …..इतना कहते ही शिव अंतर्ध्यान हो गए… अगले दिन राजा को ये शुभ समाचार दिया गया ….राजा खुश हो गए और उन्होंने सब पंडितों पुरोहितों को इनाम दिया…प्लेग को राज्य की स...

Khidki----a love story