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मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी क्यूँ नहीं करती ?

मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती कहीं हत्या ,कहीं चोरी , कहीं बलात्कार की खबर बयाँ करती कहीं भुखमरी से मरते बच्चे तो कहीं क़र्ज़ के तले दबे किसान द्वारा आत्महत्या बिहार के बालिका गृह की पीड़ितों का दर्द, तो बुराड़ी में अन्धविश्वास में लिपटे पुरे 11 लोगों के परिवार  का किस्सा मेरी अख़बार ये कैसी नकारात्मक ख़बरें मुझे सुनाती है ? मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती दहेज़ , भ्रूण हत्या , बलात्कार तो दीमक की तरह देश को खा रही हैं नन्ही बच्चियां हों या बूढ़ी औरत कोई भी बख़्शा नहीं जा रहा , क्यों निर्भया को अभी तक इंसाफ नसीब नहीं हो रहा नाबालिग लड़कियों के खतने की प्रथा मेरा दिल दहलाती है , ऐसे भयंकर अपराध की कथा मेरी अख़बार सुनाती है दिमागी पागलपन की हद देखिये हरियाणा में कुछ इंसानों ने एक गर्भवती बकरी से सामूहिक दुष्कर्म किया , ऐसा मेरी अख़बार  आज  मुझे बताती है मेरी अख़बार मेरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं करती देश की सीमा पर कई आतंकियों से मुठभेड़ ,कई जवान कई आतंकी ढेर धर्म के नाम पर बढ़ते विवाद और आरक्षण को लेकर सुलगता मराठा आंदोलन का संवाद महाराष्ट्र के 33  लोगों की बस हादसे में म...

My Mom is 10 years old गुड़िया की अंधेरी ज़िंदगी #rapevictim

  जानते हैं ? मेरी माँ केवल 10 साल की है , पर मैं अपनी माँ को पहचानती नही हूँ , ना ही मैं अपने पिता को  पहचानती हूँ। अरे , मैं क्या , मेरे पिता को तो मेरी माँ भी नही पहचानती । यह है हमारे समाज का एक काला डरावना सच । मात्र दस साल की  गुड़िया   , जिसकी अभी गुड़िया से खेलने की उम्र है , एक  नन्ही सी गुड़िया की माँ बन गयी । दस साल ? केवल दस साल की उम्र ??? सुनकर धक्का सा लगता है , अचंभा सा होता है , पर  ये सच है , हमारे समाज का एक डरावना सच ।  दस साल की एक लड़की का रेप हो जाता है , वो गर्भवती हो जाती है , गर्भपात करवाने की इजाज़त के लिए कोर्ट में अपील की जाती है , लेकिन इजाज़त नही मिलती । डॉक्टर कहते हैं  लड़की अभी वयस्क नही है  , इसलिए माँ और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है ।   यह घटना पिछले साल चंडीगढ़ में हुई और उस दस साल की लड़की  (जिसे हम  गुड़िया कहें या रेप पीड़िता ? ) ने 17 अगस्त 2017 को एक नन्ही सी गुड़िया को जन्म दिया । आप सोच सकते हैं दस साल की उम्र क्या होती है ?  वो  नादान बचपन , वो मासूमियत से भरा दिल , अटखेलियां करने की उम्र ,  ज़िन्दगी के सुनहरे सपने , सब काले धुँए की तरह...